New Pay Commission: साल 2024 की शुरुआत में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ सकती है। केंद्रीय सरकार, कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को 18,000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी मिल रही है, लेकिन इसे बढ़ाकर 51,480 रुपये तक किया जा सकता है। इसके लिए सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार कर रही है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में भारी इजाफा होने की संभावना है। आइए जानते हैं इस प्रस्ताव के बारे में विस्तार से।
क्या है 8वें वेतन आयोग का प्रस्ताव?
केंद्र सरकार ने अभी तक आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग की घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों से जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार सरकार कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी और पेंशन में 186 प्रतिशत तक का इजाफा कर सकती है। यदि यह योजना लागू होती है, तो कर्मचारियों को अपनी वर्तमान सैलरी से कई गुना अधिक रकम प्राप्त हो सकती है।
वर्तमान वेतन और अनुमानित बढ़ोतरी
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है। 2.86 के फिटमेंट फैक्टर के बाद यह सैलरी ₹51,480 तक पहुंच सकती है। अगर आठवें वेतन आयोग का गठन होता है और सैलरी में बढ़ोतरी होती है, तो कर्मचारियों को भारी लाभ मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकता है। साथ ही, पेंशन और भत्तों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी लाभ होगा। New Pay Commission
वेतन आयोग के गठन की उम्मीद
नेशनल कौंसिल ऑफ़ जॉइंट कंसंट्रेटिव मशीनरी (NCJCM) ने जुलाई और अगस्त 2024 में आठवें वेतन आयोग की स्थापना की मांग की थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2024 में इस पर एक बैठक हो सकती है। अगर यह योजना अनुमोदित होती है, तो देशभर के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी।
वेतन आयोग की पिछली रिपोर्ट्स New Pay Commission
सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी मिल रही थी, और इससे पहले छठे वेतन आयोग से सातवें वेतन आयोग में ₹7,000 की बढ़ोतरी हुई थी। आठवें वेतन आयोग के बाद ₹18,000 की सैलरी 2.86 के फिटमेंट फैक्टर के अनुसार ₹51,480 तक पहुंच सकती है, जो कर्मचारियों के लिए एक बड़ी वित्तीय मदद होगी।
क्या है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर, वेतन आयोग के द्वारा निर्धारित एक मानक है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि आठवें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.86 किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी होगी।